Shashikant Nishant Sharma

Rookie (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

टूट पड़े! - Poem by Shashikant Nishant Sharma

कुछ मन चले लड़के
मिलकर
रात के अँधेरे में
परोस की एक
लड़की को
पास के
एक झाड़ में
ले जाते हैं
इसे देखकर
एक कुत्ता
भौकने लगता हैं
पर लडको को
नहीं पता भगा
तभी वो इधर-उधर
भागा
दौड़कर
भौकने लगा
कोई न जगा
न समझे उसके इशारे
सब सो रहे थे
गहरी नींद
हर पछता कर
बेचारा कुत्ता
रोने लगता हैं
जोर जोर से
यह सुन
कुछ्ह लोग जगे
नींद में विध्न पाकर
गुस्से में
डंडे लेकर
उस कुत्ते पर
टूट पड़े!
शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल'


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Poem Submitted: Thursday, March 21, 2013



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