ajay srivastava

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भूख - Poem by ajay srivastava

नेता को कुर्सी की
अभिनेता को नाम की
कुर्सी को रिशवत की
मीडिया को सनसनी की
असामाजिक तत्वों को हथियारों की 11

महिलाओं सजने सवरने व दिखाने की
पुरष को महिलाओं की
धनवानो को धन की
गरीबो को भगवान की पूजा की 11

समाज के सभी वर्ग भूखे है
कोई बता सकता है!
यह की दोड कब और कँहा
रोक हो सकती है
या फिर यह भूख
हमेशा सीमा के बाहर रहेगी 11


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Poem Submitted: Monday, March 25, 2013



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