(03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

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ज्यों पतझर का मौसम

न कर उदास मन को
जी भर के जी जीवन को
गम का मौसम क्षणिक है
ज्यों पतझर का मौसम
न हो हतास न हो उदास
बरसेगी मेघा बुझेगी प्यास
सूरज की गर्मी का कहर क्षणिक है
ज्यों पतझर का मौसम
बेनूर जहाँ गम है यहाँ
कौन किसका कबतक है यहाँ
तू खवाब नया आँखों में सजा
खुशी का रूठना क्षणिक है
ज्यों पतझर का मौसम
प्रीत की गीत गा
जग की तो ये रीत है
बोल दे मन का कौन मनमीत है
दह जायेगी ये तो बालू की भीत है
प्रीत सास्वत है जग का बंधन क्षणिक है
ज्यों पतझर का मौसम

Submitted: Monday, June 25, 2012
Edited: Tuesday, June 26, 2012


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