Akash Duhan


न रंगू कभी ख़ून से

जो कोई मुझे रंगरेज़ बनाए
यूँ अवसर दे अपने देश को रंगने का
लाल न होगा रंग कभी
लाल प्रतीक है
कुर्बानी का
बलिदान का
देश के लिए परित्याग का
पर आज नही कोई त्याग है करता
ओर न ही

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