Ashq Sharma


Comments about Ashq Sharma

  • Vrushali Nair (1/12/2014 12:49:00 AM)

    Nice poems i love it

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  • Vrushali Nair (1/12/2014 12:44:00 AM)

    I liked ur poems Ashishji

  • Vrushali Nair (1/12/2014 12:43:00 AM)

    Ashishji aap hamesha likhte rahiye humein apki astaya kie palankarta kafi pasand hai

    Hum aur aapke likhi hui kavitaye padna chahyege..

    Urs fan

    Vrushali Nair
    Mumbai

मै असत्य का पालनकर्ता 5

मृत्यु को इतने निकट से महसूस करना कभी कितना जटिल लगता था,
तब जीवन कितना अंतहीन, स्वस्थ और सहज लगता था,
प्रतीत होती थी भावनाए स्वच्छ सरिता जैसी,
और मै, सतत, अविरल सा बहता था।

परन्तु, जब से रक्त के रंग से मित्रता की है,
लगता है जग से शत्रुता की है,
पावन से पतित हो गया हू, प्रकृति ने कैसी विचित्रता की है,

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