AVINASH PANDEY KHUSH

Rookie - 94 Points [EFFECTIVE POEM] (20/10/1995 / 20/10/1995 JAUNPUR U. P. BHARAT)

Janaja

जनाजे कि शाम को भुलाया ना करिये
हाथ से दूर तकदीर नही होती, हर कॉच मे तस्वीर नही होती
दूनिया वाले कुछ भी कहे, मगर अपनो से जूदाई मे जंजीर होती है
जनाजे की शाम को भूलाया ना करिए, यू हर रोज आप मुस्कराया ना करिये
जनाजे की शाम को भूलाया ना करिए, यू हर रोज आप मुस्कराया ना करिये
जो दिल टृट जाये तो बनाया ही करिये, यू हर रोज आप मुस्कराया ना करिये
उजडे महल को बसाया यू करिये, यू हर रोज आप मुस्कराया ना करिये
तडपते है दाता तडपते है भाई, तडपती है बहना तडपती है माई
निगाहो को अपने उठाया यू कर

[Report Error]