Love Joshi

Rookie - 83 Points [Love Joshi]

लिख दूँ

क्या इश्क़ का सैलाब लिख दूँ मैं
या फिर कोई इंक़लाब लिख दूँ मैं

तमाम नफरतों को कर के रुसवा
मुहब्बत की इक किताब लिख दूँ मैं

बड़ा मुश्किल है यादों को संभालना
पन्नों में छिपा वो गुलाब लिख दूँ मैं

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