NADIR HASNAIN


NADIR HASNAIN Poems

41. बचपन और बुढ़ापे में अजब सा एक नाता है 8/7/2017
42. अमल करना था जिस क़ुरआन की आयात पर हमको 8/7/2017
43. ख़ुशी, मुहब्बत, प्यार का संगम बाँध बहन की राखी 8/7/2017
44. भारत माता की जय कह कर देश भक्त कहलाएंगे 8/13/2017
45. ऐ देश के शहीदो हमारा तुम्हें सलाम । 8/13/2017
46. पानी में छुप्पुर छइयां सइयाँ ओ मोरे सइयाँ 8/13/2017
47. इंसानियत को शर्मसार करके 11/19/2015
48. गुरु जी हमारे हमें पास करदो 1/23/2016
49. ये बम बारूद खंजर से डराना छोड़ दो मुझको 3/29/2016
50. ये बेचैनी बता रही है अब नज़दीक इलेक्शन है 10/8/2016
51. खेल रहा है वक़्त कबड्डी खींच कर एक लकीर 10/15/2016
52. होकर दूर वतन से पंछी बंद क़फ़स में रहता है 10/15/2016
53. रे बदरा रे एएएएएएएएएएएएएए रे बदरा 7/2/2017
54. सदभाओ का पैग़ाम है बिहारी एलेक्शन 11/15/2015
55. शोर मची है है हंगामा हिन्दू मुस्लिम कहते हैं 10/17/2016
Best Poem of NADIR HASNAIN

शोर मची है है हंगामा हिन्दू मुस्लिम कहते हैं

शोर मची है है हंगामा हिन्दू मुस्लिम कहते हैं
ढोंगी मदारी गिरगिट जैसे लोग यहाँ भी रहते हैं

जिन्होंने अपनी बीवी को भी इज़्ज़त ना सम्मान दिया
ऐसे लोग महिलाओं के हक़ की बातें करते हैं



हम अहले ईमान हमारी ये पहचान शरीअत है
जीने का हर तौर तरीक़ा अमल ईमान शरीअत है

ये जुरअत तरमीम की तेरी जान मेरी लेसकती है
दख़्ल शरीअत में हरगिज़ मंज़ूर नहीं करसकते हैं

By: नादिर हसनैन

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ईद मुबारक हो

ईद मुबारक हो सभी को ईद मुबारक हो
ख़ुशी की ताज़ा किरण खिली ख़ुर्शीद मुबारक हो
माफ़ करो और माफ़ी मांगो छोटे बड़े गुनाहों से
ऐसा कुछ करजाओ जो दुःख दर्द निवारक हो
ईद मुबारक हो सभी को ईद मुबारक हो

शीर ख़ोरमा दूध सेवइयां खाओ और खिलाओ
पहनो कपड़े नए नए और इत्र भी खूब लगाओ
बोग्ज़-व-नफ़रत कीना ग़ुस्सा ख़ुद से दूर भगाओ

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