preeti singh

Rookie - 64 Points [naina]

मेरा बचपन

जब मैं चार बरस कि थी,
छोटी प्यारी बच्ची थी
हिरनी कि तरह कुंदी फांदी,
रोज देखती दादी नानी

खरगोश सी निर्मल थी काया,
चंचलता थी धन दौलत माया

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