Sahil Haar gya

Rookie - 115 Points [Sahil haar gya] (23 Jul 1997)

Yaad

हाँ मुझे किसी की याद नही आती... दिल त्न्हाई मे है पर याद नही आती.. रोता हू अक्सर अकेले मे मै.. वो कहते है मुझे याद नही आती... . . .उन ल्म्हो को सोचकर जीता हूँ मै.. ये रुलाते है ल्म्हे पर हस्ता हूँ मै... कोई साथ नही मेरे.. क्या त्न्हाई नही आती.. हाँ खामोश हू मै ...बस याद नही आती.. . . .छुपाने की तो आदत है मेरी... पल्को पर आँसू शिकायत है तेरी

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