Sushil Kumar

Rookie (10: 05: 1951 / Bulandshahr)

Biography of Sushil Kumar

I am originally a writer but by profession a homeopath.
At present, I live in Kichha, a well-known city of Uttarakhand state.

Sushil Kumar's Works:

Phir wahi geet(a novel)

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देशभक्ति का गीत

चाल हम पर एक भी, दुश्मन की चल पाई नहीं.
कोई भी ताक़त इरादों को बदल पाई नहीं.
मौत भी थर्रा उठी, दीवानगी को देख कर,
गोलियां सीने पे झेलीं , पीठ पर खायीं नहीं.
है नहीं परवाह हमें, जीत की या हार की.
हम नहीं जिए हैं कभी जिन्दगी उधार की.
नहीं जिए, नहीं जिए, नहीं जिए हैं हार की,
हम नहीं जिए हैं कभी, जिंदगी उधार की.
निकल पड़े, निकल पड़े, बना-बना के टोलियाँ.

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