Sushil Kumar

Rookie (10: 05: 1951 / Bulandshahr)

यादों के साए

आपकी यादों के साये सामने आते रहे....
गम के साज़ों पर ख़ुशी के गीत हम गाते रहे....

छोर आँचल का दबा मुंह में वो मुस्काना तेरा,
फेंक कर तीरे-नज़र पलकों का झुकजाना तेरा,
खिलखिलाकर भाग जाना ख्वाब बन आते रहे....
गम के साज़ों पर ख़ुशी के गीत हम गाते रहे....

ये किसे मालूम था ऐसे सितम ढाएँगे आप,

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