Tarun Upadhyay


माँ

माँ तुम महक हो
उस फूल की
जिसे रिश्ता कहते हैं
माँ तुम फूल हो
उस पौधे की
जिसे परिवार कहते हैं
तुम छाया हो उस
वट वृक्ष की
जिसके नीचे परिवार

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