veena dubey


रक्षाबंधन

मुंबई की यह बात थी, कैसी काली रात थी.
जगह जगह पर शोर शराबा, जगह जगह बरसात थी.
चहुँ ओर था पानी पानी, सबकी अपनी अलग कहानी,
कुछ के छुट गए घर बार, कुछ की ख़तम हुई जिंदगानी.

माँ से छीन गया बेटा प्यारा, बहन से छीन गया भाई दुलारा,
कैसा था नियति का खेल, अपनों की लाशों से भी हुआ न मेल.

आज राखी का दिन है आया, सबके मन उल्लास समाया,

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