Vinayak Kesarwani


जेहन कि राहों में

अगर तुम्हे लगता है कि
मेरे जेहन में अब
वो ख्याल आते नहीं,
वो आवाजें गूंजती नहीं,
वो चीखते सन्नाटे कहते नहीं,
तो यह सिर्फ गलतफहमी है तुम्हारी ,
सिर्फ एक भूल है तुम्हारी

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