Yashovardhan Kulkarni

Silver Star - 3,261 Points [Yashovardhan Kulkarni]

चचा - chacha

ना भांप की खबर ना धूप का साया,
जब करने और करवाने निकले हमरे चचा

जैसे बोरी में बंद कर रखी हैं अश्कों की ख्वायेशें,
ना सफ़र का डर ना कभी थे रंजिशों के दिन,

ना उसके लिए इसके लिए, ना इस तरह ना उस तरह, बस सीधा ही सीधा,
जब करने और करवाने निकले हमरे चचा

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