Learn More

Jaideep Joshi


यह जीवन!

यह जीवन भी एक कविता है, कभी मुक्त-छंद, कभी छंद-बन्द।
धरणी के आंचल में बहती कोमल भावों की सरिता है।

यह जीवन भी एक कविता है।

यह जीवन भी एक राग है. कभी उच्च-हृस्व, कभी स्वर मध्यम।
जग आँगन में भीगा हुआ मोहक रंगों का फ़ाग है।

यह जीवन भी एक राग है।

[Hata Bildir]