Jaideep Joshi


Jaideep Joshi Poems

1. Sliver Of Time 6/9/2013
2. अमरगान 6/11/2013
3. सृजन 6/11/2013
4. यह जीवन! 6/13/2013
5. भयभंजना 6/13/2013
6. जब दिल में हो बसन्त… 6/14/2013
7. ज़िन्दगी अपनी-अपनी 6/14/2013
8. इंतज़ार 6/17/2013
9. मुमुक्षु 6/16/2013
10. वीरों का विश्व 6/18/2013
11. पाते हैं वह जो चाहते हैं ज़िन्दगी से हम (गीत) 6/20/2013
12. गीता गरिमा 6/20/2013
13. समय के उस पार (Translation of 'Crossing the Bar' by Alfred Tennyson) 6/21/2013
14. गंगा महिमा 6/21/2013
15. इबादत हर लम्हा 6/21/2013
16. हम वह संसार बदल देंगे 6/21/2013
17. तराना-ए-उम्मीद 6/21/2013
18. कभी-कभी (गीत) 6/22/2013
19. मनमौजी (गीत) 6/22/2013
20. मृत्यु 6/24/2013
21. निंदिया की नदिया पर [लोरी] 6/24/2013
22. थोड़ा सा बचपन 6/24/2013
23. याद आती है 6/25/2013
24. आज आँख बहुत नम है 6/25/2013
25. प्यार 6/25/2013
26. ज़िंदा हूँ... 6/25/2013
27. जुस्तजु 6/25/2013
28. कैफ़ियत 6/26/2013
29. ख़ुदी को कर बुलंद इतना... 6/26/2013
30. देर न हो जाए 6/26/2013
31. गुज़ारिश 6/27/2013
32. तो मानो कि होली है 6/27/2013
33. Things I Like 6/28/2013
34. Wild Wild World 6/28/2013
35. अहा! बचपन के वो दिन 6/28/2013
36. ज्योति पर्व 6/28/2013
37. प्रथम फुहार 6/28/2013
38. ख़ामोशी की सदाएं 7/1/2013
39. Principles 7/5/2013
40. Hope 7/5/2013
Best Poem of Jaideep Joshi

Childhood Lost

Lost! Lost! ! Lost! ! !
A Childhood
Pure, Innocent and Priceless
Lost
On the trapeze of a circus
Or
In the piles of garbage
Or
In the strings of firecrackers
Or
On the steps of a temple
Or
In the threads of a carpet
Or
In the greased utensils of a dhaba
On
On the construction sites
Or
On the bench of a lathe
Or
In the dust of brick kilns
Or
In the garb of need
Or
On the altar of greed
Or
On the sets of glamour
Or
In the glare of limelight
Or
In a begging bowl
Or
On your conscience
If ...

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अमरगान

माना जीवन क्षणभंगुर है, (पर) सबमें अमरत्व का अंकुर है।

कहते हैं जिन्हें हम अमर यहाँ, है देह तो उनकी पंचभूत;
उनकी कर्म-कस्तूरी की महक से किन्तु, है हर मानस-चित्त अभिभूत।
गौरव का उनके अमरगान, करता सृष्टि का हर सुर है;

माना जीवन क्षणभंगुर है, सबमें अमरत्व का अंकुर है।

विघ्नों की चुनौती आयुपर्यन्त, आशाओं की संभावनाएं अनन्त।

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