Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

Shashikant Nishant Sharma Poems

361. बुद्ध पूर्णिमा 4/21/2012
362. बदलेगा समाज जब उठाओगे आवाज 3/30/2013
363. बनाना है तो फूल बनो 5/25/2012
364. बुश क्यों खुश? 10/12/2012
365. बस इतना है अपना सपना 12/24/2012
366. बस इतना है अपना सपना 1/29/2013
367. बस इतना है अपना सपना 2/28/2013
368. बसता हैं अपना भारत 3/7/2013
369. बसेरे से दूर 2/20/2013
370. बसेरे से दूर 3/7/2013
371. बारिस कि बूंदें 10/12/2012
372. बिहार में ही है बहार 9/26/2012
373. बीत गयी सो बात गई 10/12/2012
374. भ्रष्टाचार का राज 10/12/2012
375. भूल गए दादागिरी 3/7/2013
376. भारत के लाल 10/12/2012
377. भारत की एकता-अखंडता 10/12/2012
378. मैं आशिक आवारा 5/25/2012
379. मैं और मेरी छाया 3/7/2013
380. मैं तुम से बहुत प्यार करता हूँ 7/4/2012
381. मैं सब कुछ भूल गया हूँ दिल लगाकर 3/7/2013
382. मजधार रहा, न मिला साहिल 10/31/2016
383. मजबु जड़ें: ऐसा हो सिद्धांत 7/6/2012
384. मुजरिम वह नहीं 3/7/2013
385. मंजिल तक 2/28/2013
386. मंजिल तक 12/24/2012
387. मंजिल तक 1/29/2013
388. मुझे इतना पिला दे साकी 5/10/2012
389. मद मस्त होली 7/13/2012
390. मन के सच्चे बच्चे 3/7/2013
391. मनुष्य का मन 12/24/2012
392. मुफलिसी 10/12/2012
393. मेरा गाँव शहर से अच्छा 3/30/2013
394. मेरी परदादी 12/24/2012
395. मेरी परदादी... 1/29/2013
396. मेरी परदादी... 2/28/2013
397. मस्त अदाओ वाली 3/30/2013
398. महज स्वर 10/12/2012
399. मेहनत और जिन्दगी 4/11/2013
400. माँ सरस्वती 7/11/2012
Best Poem of Shashikant Nishant Sharma

A Short Love Story

Started with meetings and greetings
Talked a lot in few sublime seatings
When I asked her name
She told very soon
My name is moon
I asked what do you want and why
She told me with a shy, sky
My dream is to fly so high
When I asked when you will meet next
She remained silent and later text
During the dawn of Doomsday
I thought and pondered all day
She had told with eyes filled of tear
I asked from what you fear my dear
She expressed the consequences of love
I thought she must have experienced love
Wanted to know who hurt her feeling
The last ...

Read the full of A Short Love Story

तेरी पलकें झुकीं झुकीं

तेरी पलकें झुकी झुकी जो उठती है
कोई जादू सा असर हमपे करती है
क्या बताएं तू कैसी लगती है
जान तू जानशीन लगती है
तेरी बातों में न जाने कैसा जादू है
मेरी दिल को तेरी ही आरजू है
तेरी तिरछी झुकी नजरों का समां है
तेरी मदभरी ओठें जाम छलकती है
कोई जादू सा...

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