Rinku Tiwari

Rookie - 102 Points (18th jun,1990 / HOJAI)

प्रस्ताव - Poem by Rinku Tiwari

हमने आपको चाहा हैं बहुत,
आपने हमें चाहा कि नहीं
हमने आपको पूजा हैं बहुत
आपने हमें देखा कि नहीं ॥

हमने आपको बहुत प्यार हैं किया
आप हमें इस काबिल सोचा कि नहीं
प्रस्ताव हम आपके सामने रखेंगे यूँही
उम्मीद करूँगा आप इसको ठुकराएँगे नहीं ॥

दिल का मामला हैं दिल से सोचना
इसके बीच में न दिमाग को लगाना
दिल अगर टूटेगा वह हमारा होगा
पत्थर जो छोड़ीयेगा वह आप का होगा
आँसू या खुशी हमारा होगा
जवाब जो होगा वह आपका होगा ॥


Comments about प्रस्ताव by Rinku Tiwari

There is no comment submitted by members..



Read this poem in other languages

This poem has not been translated into any other language yet.

I would like to translate this poem »

word flags

What do you think this poem is about?



Poem Submitted: Friday, July 5, 2013

Poem Edited: Friday, July 5, 2013


[Hata Bildir]