Madhuraj Kumar

Rookie - 28 Points (13 March 1997 / Bagaha, Bihar)

ज़िन्दगी तू एक कविता है... - Poem by Madhuraj Kumar

जिन्दगी तू एक कविता है
तुझसे मेरा वादा है
लिख रहा हूँ तुम्हें और लिखता रहूंगा तब तक
कि जब तक तू है
तेरी लय में मेरी खुशियाँ थिरकती हैं
तेरे दर्द से मेरी साँसें चलती हैं
तेरी दो पँक्तियो के बीच का फासला
यूँ ही तय कर लूँगा मैं
तेरे एक शब्द में अपना
सारा जीवन भर दूँगा मैं
जब तक रूह को नींद न आ जाए,
तुझसे मेरा वादा है
करता रहूंगा प्यार तुझे
आखिरी साँस तक
तब तक
कि
जब तक तू है
जिन्दगी तू एक कविता ह


Poet's Notes about The Poem

to my life.

Comments about ज़िन्दगी तू एक कविता है... by Madhuraj Kumar

There is no comment submitted by members..



Read this poem in other languages

This poem has not been translated into any other language yet.

I would like to translate this poem »

word flags

What do you think this poem is about?



Poem Submitted: Wednesday, October 9, 2013

Poem Edited: Thursday, July 3, 2014


[Hata Bildir]