Brajendra Nath Mishra


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Best Poem of Brajendra Nath Mishra

महकाएँगे जग को देकर नव सन्देश.

महकाएँगे जग को देकर नव सन्देश.

हम बच्चे हैं फूल उपवन मेरा देश,
हम महकाएँगे जग को देकर नव सन्देश.

भेदभाव सब मिट जायेंगें,
आपस में हिलमिल गायेंगे.
एक हमारा नारा है,
सारा विश्व हमारा है.

एक सांस है एक हृदय है, भिन्न - भिन्न हैं वेश,
हम महकाएंगें जग को देकर नव सन्देश.

झगड़े आपस में निपटाएं,
प्रेम - लता के बीज उगाएं,
दुश्मन को भी दोस्त बनाएँ,
सारे जग को बंधू बताएं.

होगा हरदम स्नेह से मेरे ममता का उन्मेष,
हम महकाएंगें जग को देकर नव सन्देश.

उदास कहीं न हो बचपन,
किसी गली में न हो क्रंदन,
बहनें कहीं न अपमानित हों, ...

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