hasmukh amathalal

Gold Star - 26,382 Points (17/05/1947 / Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India)

hasmukh amathalal Poems

81. स्थान ले नहीं हो सकती.. sthan nahi 6/2/2014
82. सच बात है यही। SACH BAAT 7/11/2014
83. सुगंध बिखरते रहो..Sugandh Bikherte 5/2/2014
84. विहार करने दे मान्यवर.. vihaar karne 7/12/2013
85. वचन का एहसास हुआ vachan ka ehsaas 11/24/2014
86. वक्त भी आ गया है।vakt bhi 3/31/2014
87. वक्त की दिवार हम नहीं vakt ki 12/28/2014
88. वक्त का तकाजा है vakt ka takaaja hai 12/20/2014
89. लौटा दे कोई.. Lauta De Koi 8/26/2013
90. लुफ्त उठाते रहे..luft uthate rahen 1/7/2014
91. राम बोला, रहीम बोला.. Ram Bola 3/5/2014
92. रानी बनकर रह जाएंगी। rani bankar 5/10/2014
93. राधा राधा radha radha 2/10/2014
94. रात कटी गयी.. Raat Kat Gayi 3/8/2014
95. रहम करो नीचे रहनेवाले का।.. raham karo 1/20/2015
96. याद रखना... yaad rakhna 10/10/2013
97. 'येही तो परिपेक्ष है'yehi to 1/16/2014
98. यह दरमियां.. yah daaaarmiyaan 3/17/2014
99. यशगान करने की yashgaan karne 8/14/2014
100. मौका फिर से सरक गया mauka fir se 9/4/2013

Being tense

Mind set
Really relate
That is give and take
Relation can never be faked

Human mind is ready to compromise
With words and in promise
Somewhere it has to bend
The willingness signal has to be sent

[Hata Bildir]