ajay srivastava

Silver Star - 4,440 Points (28/08/1964 / new delhi)

दोनों हालत में - Poem by ajay srivastava

अच्छा हो तब भी नाम करता है
बुरा हो तब भी नाम करता है
विशवास को बडाता है
दोनों हालत में 11

न चाहते हुए भी उदाहरण बन जाता है 11
दिशा सही अथवा गलत हो सकती है 11
दोनों हालत में 11

चरम सीमा ही इसकी पहचान है 11
रिजहाना इसका स्वभाव है 11
ततपरता इसकी अवशयकता है 11
दोनों हालत में 11

चरित बनने मै वर्षों लगते है
चरित बिगडने के लिए कुछ समय ही लगता
चरित फूल और काटो की तरह होता है
चरित बहुँत सभाल कर रखना/ चलना पडता है 11

दोनों हालत में 11
चुनाव तुम्हारा है 11


Comments about दोनों हालत में by ajay srivastava

  • Rajnish Manga Rajnish Manga (1/18/2016 4:37:00 AM)

    आपकी यह कविता हमें सोचने के लिये मजबूर करती है. अत्यंत प्रेरक सूत्र. (Report) Reply

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Poem Submitted: Thursday, April 18, 2013

Poem Edited: Thursday, April 18, 2013


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