Love Joshi

Love Joshi Poems

क्या इश्क़ का सैलाब लिख दूँ मैं
या फिर कोई इंक़लाब लिख दूँ मैं

तमाम नफरतों को कर के रुसवा
...

जैसा तुमने चाहा बिल्कुल वैसा है
ये ना पूछो हाल हमारा कैसा है

पढ़ना है तो पढ़ लो हर इक पन्ने को
...

Her smile is the only thing
That brightens up my day
They make me feel a different way
It makes me feel like a shining star
...

I'm not asking you to meet everyday
I could try & bare
When you are away
All I need is just some care
...

Love Joshi Biography

Poet, Shayar, Storyteller, Published Writer)

The Best Poem Of Love Joshi

लिख दूँ

क्या इश्क़ का सैलाब लिख दूँ मैं
या फिर कोई इंक़लाब लिख दूँ मैं

तमाम नफरतों को कर के रुसवा
मुहब्बत की इक किताब लिख दूँ मैं

बड़ा मुश्किल है यादों को संभालना
पन्नों में छिपा वो गुलाब लिख दूँ मैं

दरिया में उतरता और चढ़ता रहा
मेरे इन अश्क़ों को आब लिख दूँ मैं

ज़िन्दगी गुलज़ार हो गयी तुझ से
तेरे चेहरे को आफ़ताब लिख दूँ मैं

जब भी देखूं नशे में डूब जाता हूं
तेरी आंखों को शराब लिख दूं मैं

रोज तुझे पाने की नयी जद्दोज़हद
मुहब्बत में ये हिसाब लिख दूं मैं

- लव जोशी

Love Joshi Comments

Close
Error Success