Nageshwar Panchal Poems

Hit Title Date Added

आंसू ऐसे गिरे उसके मेरे कब्र पर,
संग मेरे काफिला हो गया,
कोई उसको भी मिले मेरी तरह चाहने वाला
यारो अब तो वो अकेला हो गया |
...

2.

दर्द को दिल में अब दफ्न कर लिया,
इश्क में चोट लगी ये केसा जख्म कर लिया|
आँखों से वो हर पल मेरी वह बह रहा हे,
मेने आंसुओ को खुद का कफ़न कर लिया|
...

समझ ना पाओगे परदे का खेल तुम
गुनाहों का देवता तालीम मोहब्बत की देता हे |
वो चेहरा ऐसा नहीं हे जैसा नजर आता हे
काफिर मशवरा यहाँ इबादत का देता हे |
...

4.
चल गुस्ताखी करे

चल गुस्ताखी करे
ना हो अधूरी कोई
आरज़ू मुझसे
ना हो अधूरी कोई
...

जिन्दगी गुजर गई मोत को पाने मे
चिराग बुझ गया मेरा तेरा चिराग जलाने मे
तन्हाई का दर्द बिछड़ने के बाद पता चला मुझे
में रूठ गया खुद से तुझे मनाने मे |
...

सारे खवाब जिन्दा हो सारे अरमान निकल जाए,
जो तू हां कर दे तो मेरी जान निकल जाए |
खोजे तो कोई सच्ची शिदत से एक दफा,
फिर किसी इंसान में कोई भगवान निकल जाए |
...

लफ्जो कि डाली से तोड़ ला कुछ लफ्ज़,
चल बात करे|
अहसास के कुछ लफ्ज़,
कुछ इबादत के,
...

8.
महाकाव्य रच दिया

में नही जानता
गीता बाइबल और कुरान|
में नहीं जानता
जीवन मरण और निर्वाण|
...

9.
मेरी इबादत पूछता है

दो वक्त के खाने का तकाजा हे घर मे मेरे,
फिर क्यों जमाना मुझसे मेरी दोलत पूछता है।
उसके प्यार का सलीका भी अजब निकला,
वो आज भी मुझसे मेरी सोहरत पूछता है।
...

मेरा हर काम तेरी हुकूमत से होता है
मेरी अंगड़ाई की तू निगरानी रखा कर
में हर वक़्त हर पल तेरे साथ रहता हु
तू करवट बदलने में सावधानी रखा कर
...

Close
Error Success