Ajay Srivastava

Gold Star - 11,191 Points (28/08/1964 / new delhi)

संकल्प - Poem by Ajay Srivastava

अनुभवो का विशलेषण कर लिया है|
आधुनिक दिशा को चुन लिया है|

सुनहरे भविष्य का निर्माण करके ही रहेगे|
जाति, धर्म व समप्रदाय का भेद दूर करने का प्रण लिया है|

अब ना कोई इनकी बलि चडेगा |
नयी राह पर कदम अग्रसर होगे|

अब तो सब को जागरूक बनाने की ठान लिया है |

हॉ अब ना भूत काल मे जाएगे|
ना ही वर्तमान मे चलेगे|
हॉ अब तो सुनहरे भविष्य के लिए दोडेगे|

हॉ यही संकल्प हमारा है|

Topic(s) of this poem: pray


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Poem Submitted: Wednesday, January 27, 2016



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