Ajay Srivastava

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पर्यावरण - Poem by Ajay Srivastava

फल भी फूल भी
विटामिन और प्रोटीन भी
आखो को ठंडक भी मिलेगी 11
वर्षा समय पर आ जाएगी
चारो तरफ खुशहाली होगी
और तो और ऑक्सीजन का भी सुख मिलेगा 11
बाढ़ से भी बच जाएगे 11
यह सब तो जीते जी मिलेगा 11
और जब तुम उसको मारोगे
तब वह आपको सुरक्षा प्रदान करेगा 11
चाहे वह झूला हो या फिर कुर्सी
डबल बेड, दरवाजा या फिर छड़ी 11
सोते समय आपके साथ हर पल हर समय आपके साथ
जवानी मे भी बुढ़ापे मे भी 11
इतना सब कुछ वो भी बिना कोई शुल्क दिए 11
आपको केवल एक पौधा लगाना है 11
पर्यावरण बाचाए हरियाली और खुशहाली लाए 11


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Poem Submitted: Friday, February 8, 2013

Poem Edited: Friday, February 8, 2013


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