महाकाव्य रच दिया Poem by Nageshwar Panchal

महाकाव्य रच दिया

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में नही जानता
गीता बाइबल और कुरान|
में नहीं जानता
जीवन मरण और निर्वाण|
मुझे क्या पता
मोहबत इश्क और अहसास|
मुझे क्या पता
दिल के धडकन का राज|
पर एक बात को
जरुर सच कर दिया
तेरा नाम लिखा और
महाकाव्य रच दिया|

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