समझ ना पाओगे परदे का खेल तुम
गुनाहों का देवता तालीम मोहब्बत की देता हे |
वो चेहरा ऐसा नहीं हे जैसा नजर आता हे
काफिर मशवरा यहाँ इबादत का देता हे |
कमाल हे हमें फिर भी ठीक होने का भरोसा हे
जब की मरीज यहाँ पर दवाए बीमारी की देता हे |
मुझे जिससे सबसे ज्यादा खतरा हे
वही आदमी भरोसा मेरी हिफाजत का देता हे |
तुझसे नाराज होने का रास्ता कहा बचा
इश्क मोका कहा शिकायत का देता हे |
गुजरते हुए लम्हे में अब तक ठहरा हूँ
खुशबु तेरी चुराकर रब हवाओ को देता हे |
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