सारे खवाब जिन्दा हो सारे अरमान निकल जाए,
जो तू हां कर दे तो मेरी जान निकल जाए |
खोजे तो कोई सच्ची शिदत से एक दफा,
फिर किसी इंसान में कोई भगवान निकल जाए |
बाद में हम गेरो के गिरेबान में झांके,
अपने वतन में कितने पाकिस्तान निकल जाए |
गेरो को अपना बनाने में जरा सावधानी रखना,
जाने कब कोई अपना मेहमान निकल जाए |
जब जब हुस्न और काबिलियत की एक साथ चर्चा हुई,
तब तब मेरी जुबा से तेरा नाम निकल जाए |
मेरी किस्मत को मेरे हुनर से हर माननी ही होगी,
चाहे सर से मेरे कितने इन्तहान निकल जाए |
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