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गाढ़े अँधेरे में

इस गाढ़े अँधेरे में
यों तो हाथ को हाथ नहीं सूझता
लेकिन साफ-साफ नजर आता है :
हत्यारों का बढ़ता हुआ हुजूम,
उनकी खूँख्वार आँखें,
उसके तेज धारदार हथियार,
उनकी भड़कीली पोशाकें
मारने-नष्ट करने का उनका चमकीला उत्साह,
उनके सधे-सोचे-समझे क़दम।
हमारे पास अँधेरे को भेदने की कोई हिकमत नहीं है
और न हमारी आँखों को अँधेरे में देखने का कोई वरदान मिला है।
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5/14/2021 8:41:53 AM # 1.0.0.578