Friday, February 6, 2015

विदाई - विल्फ्रेड ओवेन की कविता का अनुवाद Comments

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रात के अँधेरे में,
शंटिंग ट्रेनों के खेमे में
विधवाओं सी सजी संवरी उन्मुक्त नव यौवनाये
फटे ढोलों की थाप पर
...
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BINAY SHUKLA
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