जो अब तक मैं नहीं बोला, मेरे अल्फाज़ बोलेंगे Poem by Abhishek Omprakash Mishra

जो अब तक मैं नहीं बोला, मेरे अल्फाज़ बोलेंगे

रखे थे दफ्न इस दिल में, वही सब राज खोलेंगे
जिया खामोश वर्षों तक, मगर अब आज बोलेंगे
कहो मेरे लबों को चुप यहां कब तक कराओगी
जो अब तक मैं नहीं बोला, मेरे अल्फाज़ बोलेंगे
'कवि अभिषेक ओमप्रकाश मिश्रा'

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