Thursday, March 19, 2026

उस दहलीज की बेटी Comments

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वह जो खिड़की पर टंगी एक पुरानी ज़ंजीर है,
शायद मेरे मुक़द्दर की वही तस्वीर है।
माँ के होठों की लाली, जब ज़ख़्मों को छुपाती है,
तवायफ़ की वह बेटी, हर रात मर जाती है।
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ARYAN KUMAR
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