Monday, March 16, 2026

मलाल-ए-ज़ब्त Comments

Rating: 0.0

ग़म-ए-हयात का मंज़र कमाल रखा है,
मलाल कुछ भी नहीं, बस मलाल रखा है।

वो आएँगे कभी फुरसत में पूछने हमसे,
...
Read full text

ARYAN KUMAR
COMMENTS
Close
Error Success