Thursday, March 26, 2026

हमीं तो मुंसिफ़ हैं Comments

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ये हमारे घर की औरतें हैं,
इनके पाँवों में बेड़ियाँ ही जँचती हैं,
ये हमारे घर की इज़्ज़त हैं,
इनकी आवाज़ें चारदीवारी में ही दफ़्न रहती हैं।
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ARYAN KUMAR
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