Brothers And Sisters Poem by Lavanye Garg

Brothers And Sisters

भाई-बहन का रिश्ता
हंसी-मजाक का ऐसा किस्सा
कोई न जाने, क्या है इनके बीच में बात
है ऐसा अज़ाब यह रिश्त।

ऐसे रिश्ते में मैं भी हूँ जुड़ा
मिलती ऐसी ख़ुशी इन बहनों के साथ
जैसे एक प्यासे कौए को मिलती है राहत
पानीके एक घड़े के साथ।

सोंचता हूँ कभी-कभी
के, क्या मैं अपनी बहनों को
दे पाउँगा उतना सुख
जितना वो देती हैं मुझे अभी।

कहना चाहूँ मैं सिर्फ इतना
की जितना प्यार करती है मुझसे
करता हूँ मैं भी उतना।

POET'S NOTES ABOUT THE POEM
to all my lovely sisters.
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