भाई Poem by Chhaviraj Chauhan

भाई

Rating: 5.0

संकट की घडी मे जो एक सहारा था
पचपन से जवानी तक आदर्श हमारा था
रहता था बेफ़िकर सा भरोसे जिसके
भाई वो मुझे जान से भी प्यारा था।

READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success