इ हातिके
गजानन मिश्र
देखरे देख
इ हातिके देख।
इ हाति
केनआडे देखुछे
कहि पारब?
कें केंटा भाबुछे
केन जानिछे!
खमन बलुछे
मोर इ हाति।
हर्मिशा उडुछे
इ हाति
आकाश आकाश।
अउछे इ हाति
सपनथि ।
उबडा पडुछे
इ हाति आरु
लथोकिना बसुछे
मोर मचानथि
इ हाति।
कुटकुटा मोर
चसमा ।
के न रहुछे जिबन
केन जानिछ?
घरबाएर सपन
सफा गलान
उजडि ।
बरकस हाति
कला रिमझिम ।
मोर हातिरे
देख इआडके
अउछे झुलि झुलि।
उनेइस बिस
दसरा कारतिक।
हातिके देखि देखि
चडि ज उपरके उपर।
तपोवन, टिटिलागड, बलाङ्गिर
19/9/2019
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Life in forest, in forest elephant.