'माँ श्यामा आज फिर घर के अन्दर घुस गयी, आज फिर उसने आँगन में गोवर कर दिया ' - चिल्लाते हुए मै अन्दर कमरे की तरफ भागा. जहाँ माँ लोकी काट रही थी सब्जी बनाने के लिए.
' रुक बेटा में आती हूँ ' माँ हाथ में थोड़ी घांस लेकर बाहर निकली जो आज ही बगीचे में से सफाई करते समय निकली थी. माँ हाथो में घांस और खरपतवार लिए हाथ आगे बढ़ाते हुए उसे बाहर ले गयी जिसके पीछे पीछे श्यामा भी बाहर चली गयी.
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