रात भर जगते रहते हैं यादों में तेरी....< 3 Poem by Eagle Sharma

रात भर जगते रहते हैं यादों में तेरी....< 3

की रात भर जगते रहते हैं यादों में तेरी,
तेरी तस्वीर देख कर रातें काटी हैं..
दिल समझता नहीं
एहसास ये कम होता नहीं
बातें तुमसे ना जाने कितनी बाकी हैं..
कहता नहीं दिल
पर समझने के लिए अनजाने अल्फाज़ काफ़ी हैं,
आशिकों की कतारों में मैंने भी कई रातें काटी हैं..
राहों में गिरकर कई चोटें खाई हैं...
की तेरी तस्वीरें देख कर कई रातें काटी हैं।।

इन आँखों की मासूमियत है? ?
या इनमें कोई जादूगिरी है,
हर पल ये बढ़ती अब मेरी दीवानगी है,
कुछ अलग ही खूबसुरती इस चेहरे में है..
जिसके लिए हमारे पास लव्ज़ नहीं हैं,
बेहद की भी इंतहा अब पार हो चली है..
आरज़ू मेरी अब तू बन गई है,
ख़्वाबों के समंदर में खो चले हैं....
बस अब तेरा जिंदगी भर का साथ बाकी है,
की रात भर जागते रहते हैं यादों में तेरी...
तेरी तस्वीरें देख कर रातें काटी हैं।।

रात भर जगते रहते हैं यादों में तेरी....< 3
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