Monday, September 9, 2013

मैं कहूँ तो कहूँ क्या मेरी ज़िन्दगी (MAI KAHU TO KAHU KYA MERI ZINDAGI) Comments

Rating: 0.0

मैं कहूँ तो कहूँ क्या मेरी ज़िन्दगी,
अब तो खुशियाँ मेरी बन गई दास्ताँ,
अब तो हर इक नज़र गैर है ज़िन्दगी,
आग दिल मैं मेरे आज भी जल रही,
...
Read full text

Nirvaan Babbar
COMMENTS
Close
Error Success