Mujhe Ashiq Bnaya Tere Pyar Ne By Rahul Kumar Poem by Author Rahul kumar

Mujhe Ashiq Bnaya Tere Pyar Ne By Rahul Kumar

मुझें आशिक़ बनाया तेरे प्यार ने,
दिल को जीना सिखाया मेरे यार ने,

जरूरत थी एक रौशनी की,
मेरे जिंदगी को रोशन किया तेरे प्यार ने,

एक चाहत थी हमसफर की,
मुझें हमसफर बनाया तेरी वफ़ा ने,

एक सितारे की चमक मांगी थी,
पूरा चमकता हुआ चाँद दिया तेरी चाहत ने,

जमीं को जैसे कतरा भर पानी की जरूरत हो, ,
मोहब्बत का पूरा समुन्दर दिया तेरे प्यार ने,

अधेरी भरी ज़िन्दगी थी मेरी,
उसे रोशन किया तेरे प्यार ने,

चलूँगा तेरा हाथ थामकर उम्र भर,
ये वादा किया मैंने अपने यार से,

मुझें आशिक़ बनाया तेरे प्यार ने,
दिल को जीना सिखाया मेरे यार ने,
मुझें आशिक़ बनाया तेरे प्यार ने,
दिल को जीना सिखाया मेरे यार ने...! ! ❤️❤️❤️

लेखक - राहुल कुमार

Mujhe Ashiq Bnaya Tere Pyar Ne By Rahul Kumar
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