Josh Malihabadi

(05 December 1894 – 22 February 1982 / Malihabad, United Provinces / British India)

नक़्शे-ख्याल दिल से - Poem by Josh Malihabadi

नक़्श-ए-ख़याल दिल से मिटाया नहीं हनोज़
बेदर्द मैंने तुझको भुलाया नहीं हनोज़

वो सर जो तेरी राहगुज़र में था सज्दा-रेज़
मैं ने किसी क़दम पे झुकाया नहीं हनोज़

महराब-ए-जाँ में तूने जलाया था ख़ुद जिसे
सीने का वो चिराग़ बुझाया नहीं हनोज़

बेहोश हो के जल्द तुझे होश आ गया
मैं बदनसीब होश में आया नहीं हनोज़

मर कर भी आयेगी ये सदा क़ब्र-ए-'जोश' से
बेदर्द मैंने तुझको भुलाया नहीं हनोज़


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Poem Submitted: Tuesday, April 17, 2012

Poem Edited: Tuesday, April 17, 2012


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