पत्थर
गजानन मिश्र
न मानो तो पत्थर मानो तो ईश्वर
ओ मेरे दोस्त तु नश्वर तु इ अबिनश्वर ।
चलो बिस्वास के साथ हरघडि हरपल
तु इ तेरा सरकार स्वप्न को कर साकार।
दिल खोलो दोस्त करो संस्कार पत्थर को।
पत्थरसे जीवन पत्थरका पकडना है फुलोंको ।
पत्थर कि तरह स्थिर रहो फुलोंको तरह महको ।
अच्छी सोच पकडकर आगे बडो यारो ।
तपोवन, टिटिलागड, बलाङ्गीर
09437366644
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