ये आज नहीं तो कल होगा Poem by Rohit Pote

ये आज नहीं तो कल होगा

ये आज नहीं तो कल होगा
अंधेरों में दिया जलेगा
संघर्ष को विजय मिलेगा
बुरा का भी वक्त बदलेगा
ये आज नहीं तो कल होगा

मुश्किल भी कम होगी
ये कोशिश न कम होगी
चाहे जितने रहें कठिन होगी

मंजिल भी पास होगी
भिखरी हुवी जिंदगी
एक दिन जरूर खास होगी
ये आज नहीं तो कल होगा
दिल में मेरे सुकून होगा

ये मंज़र भी नया होगा
ये आज नहीं तो कल होगा

ये कोशिश न कम होगी
चाहे जितने रहें कठिन होगी

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