Sacha Pyaar Nahi Hai By Ranjot Singh Poem by Ranjot Singh Chahal

Sacha Pyaar Nahi Hai By Ranjot Singh

समुंदर में कश्ती किनारा नहीं है, तेरा मुझसे मिलना दोबारा नहीं, बातें वह दिल की बेजुबानी नहीं है, जो शिद्दत से इश्क का पुजारी नहीं है, सच्चा प्यार नहीं है, सच्चा प्यार नहीं है

आंखों में आंसू जो आते थे मेरे, दिल में उतर जाते थे तेरे, लबों की खुशी का किनारा नहीं है,
अगर तेरी यादों में जीना नहीं है, वह सच्चा प्यार नहीं है, सच्चा प्यार नहीं

सपने सजाए जो तेरे साथ में सपने नहीं है, कभी ना हो पाई हकीकत में अपने नहीं है, आंखों में छुपा आंसू नहीं है, वह सच्चा प्यार नहीं है, सच्चा प्यार नहीं है,

दिखावे की जिंदगी, झूठी मुस्कान, प्यारी सी बातें और बातों का बदलना, रातों में सोना दिखावे का रोना, सच्चा इश्क नहीं है, यह सच्चा प्यार नहीं है

Sacha Pyaar Nahi Hai By Ranjot Singh
Wednesday, January 8, 2020
Topic(s) of this poem: love,poetry
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