भगवान का द्वार Poem by World Poems Otteri Poet

भगवान का द्वार

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देवताओं का द्वार
तुम्हारे साथ खुला
तो मुस्कुराओ
चिंता मत करो
पाप के बारे में...

पाप निर्भर है
मौत के बारे में
मृत्यु पाप नहीं है
हर एक पाप
ख़त्म करो
मौत के साथ! ! !

तो
प्रत्येक को प्यार
अन्य...
जैसा के साथ वैसा ही
हर दिन का आनंद लें
आपके लिए खुला
भगवान का दरवाजा अंदर
हर जगह
हर दिन
हर बार
मुफ़्त...
प्यार से...

+ ओत्तेरी सेल्वा कुमार

Saturday, January 24, 2026
Topic(s) of this poem: hindi,light poetry
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