Adarsh Vaibhav

Adarsh Vaibhav Poems

इस कदर क्यूँ इशारें कर रहे हो
ज़रा साफ़ बताओ क्या बता रहे हो

नागवार गुजर तो कह दूंगा
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The Best Poem Of Adarsh Vaibhav

Nazaren Milao

इस कदर क्यूँ इशारें कर रहे हो
ज़रा साफ़ बताओ क्या बता रहे हो

नागवार गुजर तो कह दूंगा
देख कर क्यों बस हँसे जा रहे हो

कभी तिरछी नज़र कभी ज़ुल्फ़ों नीचे
नज़रें मिलाओ बस देखे जा रहे हो

पास आ रहे हो या बहाने बना रहे हो
मैं भी जानूं आजकल इतना क्यूं इतरा रहे हो

शिकायत है तो दूर करो यूँ ना वक़्त बर्बाद करो
बेकार शर्म से चेहरा लाल किये जा रहे हो

हाथ मिलाओ बाहों में आओ
या बस ऐसे ही पाँव सटा रहे हो

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