उठता हु सो कर तो तुझे देखने का मन होता है,
तुझे पास न पाकर दिल व्याकुल सा होता है
कहां छोड़ गई तू मुझे इस,
अकेलेपन की वीरान वादियों में
...
इस प्रातः कालीन शीतल बेला में मेरा मन,
तेरे साथ होना चाहता ।
तू करीब तो आ,
दिल फिर तेरी यादों में रोना चाहता ।
...